नौ दिनों तक मां दुर्गा के मंत्रों का जाप करें।
सामग्री तैयार करें: मिट्टी का पात्र (जिसमें जौ उगाने के लिए मिट्टी भरी हो)
* ऐसी बीमारियां जिनका इलाज संभव नहीं है, वह भी काली की पूजा से समाप्त हो जाती हैं।
मंत्र : ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं परमेश्वरि कालिके स्वाहा
हर दिन अलग-अलग देवी का आह्वान और मंत्र जाप करें।
विश्वविद्यालय फर्जी मार्कशीट बांट रहा था.
* पितृदोष और कालसर्प दोष जैसे दोषों को दूर करती हैं।
ॐ नमो काली कंकाली महाकाली मुख सुन्दर जिह्वा वाली,
अखंड दीपक जलाएं और नौ दिनों तक जलने दें।
इसमें पहले कलश को गंगा जल से भरें, उसके मुख पर आम की पत्तियां लगाएं और उस पर नारियल रखें।
चार वीर भैरों चौरासी, चार बत्ती पूजूं get more info पान ए मिठाई,
कलश के ऊपर नारियल रखें। नारियल को लाल वस्त्र में लपेटकर कलावा से बांधें।
In case the worship way of Gupt Navratri is done with complete devotion, restraint, and secrecy, then it might not only go ahead and take seeker to spiritual heights. However it could also provide Vijayshri by releasing him from several complications of existence. If you wish to know more details on the Gupt Navratri puja vidhi, then speak with astrologers.
* बिजनेस आदि में आ रही परेशानियों को दूर करती हैं।
छिन्नमस्ता : श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं वज्रवैरोचनीयै हूं हूं फट् स्वाहा:।